संसार समाज रजोगुणी अर्थात सांसारिक है।

जब हम ईश्वर के बनाए हुए हैं तो हमारे बुरे कर्म के हम जिम्मेदार कैसे हैं एवं हमें अपने में सुधार का प्रयास क्यूँ करना चाहिए।

बुधवार व्रत

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